प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से प्रमाणित है ठग, छापना पड़ा था खंडन

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से प्रमाणित है ठग, छापना पड़ा था खंडन


बदायूं जिले की बिल्सी तहसील क्षेत्र में घूमने वाले बाइक सवार ठग पत्रकारों का सरगना प्रतिष्ठित अखबार अमर उजाला की फजीहत करा चुका है। ठग के कारण कई वर्ष बाद अमर उजाला को खंडन प्रकाशित करना पड़ा था।

उल्लेखनीय है कि ठगई करने वाले गिरोह का सरगना कई वर्ष पहले प्रतिष्ठित हिंदी अखबार अमर उजाला में स्ट्रिंगर बन गया था, इस दौरान ठग ने पत्रकारिता को कलंकित करने वाले अनगिनत कुकर्म किये। चूँकि उन दिनों में ब्यूरो चीफ भी भ्रष्ट हुआ करते थे, सो इसकी कारगुजारियां प्रबंधन तक नहीं पहुंच पा रही थीं। पिछले दिनों प्लॉट पर कब्जा करने के प्रयास में ठग को आउट कर दिया गया। अखबार की आड़ में ठग ने एक धर्मशाला का कमरा कब्जा रखा था, जिसे अखबार से आउट होते ही छोड़ गया।

विकास विभाग में कार्यरत रजी अहमद रिजवी अब रिटायर हो चुके हैं, विकास विभाग के तमाम कर्मचारियों से ठग बदमाशों की तरह महीनादारी वसूलता था लेकिन, रजी अहमद रिजवी स्थानीय होने के कारण इसके दबाव में नहीं आये तो, ठग ने उस दौरान अमर उजाला में उनके विरुद्ध खबरें प्रकाशित कीं। रजी अहमद रिजवी प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की शरण में चले गये। लंबी सुनवाई के बाद पीसीआई ने माना कि जान कर रजी अहमद रिजवी को परेशान किया गया। ठग किसी खबर का साक्ष्य नहीं दे पाया तो, पीसीआई ने अमर उजाला को खंडन प्रकाशित करने का निर्देश दिया था। ठग के कुकर्म के चलते अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित अखबार को खंडन प्रकाशित करना पड़ा लेकिन, उस समय के चोर के मौसेरे भाई ब्यूरो चीफ ने इसे बचा लिया। पिछले दिनों ईमानदार ब्यूरो चीफ की तैनाती हुई तो, सर्व प्रथम ठग को ही आउट किया गया।

व्यवहारिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि पीसीआई द्वारा प्रमाणित ठग है, जो अब चैनल और पोर्टल के नाम पर स्कूल, भट्टा और कोटेदारों को ठग रहा है, साथ ही ठग आउट होने के बावजूद स्वयं को प्रतिष्ठित दर्शाने के लिए आज भी फेसबुक की फ्रोफाइल में स्वयं को अमर उजाला में कार्यरत बता रहा है, जो बेशर्मी की हद ही कही जायेगी, यह भी बता दें कि ठग ने जिले भर में नेटवर्क स्थापित कर लिया है, जो थानों में दलाली कर इसे कमीशन देते हैं, ऐसे ही एक दलाल का ऑडियो वायरल हुआ है, जिसे शुक्रवार को गौतम संदेश ने प्रसारित किया था।

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