सवाल: जेल के अंदर डी- 9 गैंग के सरगना चंदन सिंह तक किसने पहुंचाई थी पिस्टल?

सवाल: जेल के अंदर डी- 9 गैंग के सरगना चंदन सिंह तक किसने पहुंचाई थी पिस्टल?

बदायूं की जेल में बंद डी- 9 गैंग के सरगना तक पिस्टल कैसे पहुंची थी? पिस्टल किसने पहुंचाई थी? जेल अधीक्षक और जेलर के साथ अन्य दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं हुई?, इस तरह के और भी कई सवाल हैं, जिनका जवाब आज तक नहीं खोजा गया है, इस प्रकरण में कार्रवाई किस स्तर पर चल रही है?, इस बारे में भी नहीं बताया जाता, जिससे लगता है कि सनसनीखेज प्रकरण को दबा दिया गया है।

पढ़ें: डी-9 गैंग के सरगना देवकी नंदन उर्फ चंदन सिंह ने जेल से ही उड़ा रखी है नींद

जी हैं, गोरखपुर जिले में स्थित चिलुआताल क्षेत्र के गाँव कुसहरा का मूल निवासी और डी- 9 गैंग का सरगना देवकी नंदन उर्फ चंदन सिंह बदायूं की जेल में बंद था, इसके साथ जेल में मुरादाबाद जिले के कस्बा बिलारी निवासी सुमित भी बंद था, इन दोनों ने जेल से फरार होने की योजना बनाई थी। 22 मई 2018 की रात में रस्सी के सहारे पिछली दीवार से दोनों भागने का प्रयास कर रहे थे। सुमित सिविल लाइन थाने के परिसर में कूद कर भाग गया था लेकिन, चंदन फंस गया था। चंदन का झाड़ा लिया गया तो, उसके पास से पिस्टल भी बरामद हुई थी।

पढ़ें: डी-9 गैंग के सरगना देवकी नंदन उर्फ चंदन सिंह ने जेल से ही उड़ा रखी है नींद

पुलिस सुमित को अभी तक नहीं पकड़ पाई है। फरार सुमित पर पुलिस महानिदेशक के स्तर से दो लाख रूपये का इनाम घोषित है। सुमित भी शातिर बदमाश है, जो आसानी से हाथ नहीं आयेगा, इतना समझ आता है पर, पुलिस ने इस वारदात को लेकर अन्य कार्रवाई भी नहीं की है, इस वारदात को लेकर सबसे पहला सवाल तो यही उठा था कि जेल के अंदर पिस्टल कैसे पहुंची? दूसरा सवाल उठा था कि पिस्टल किसने पहुंचाई? तीसरा सवाल था कि इस वारदात में चंदन और सुमित का साथ किस-किस ने दिया था? अभी तक किसी सवाल का जवाब सामने नहीं आया है। प्रत्येक सवाल आज तक सवाल ही बना हुआ है।

डी- 9 गैंग के सरगना के साथी कुख्यात इनामी बदमाश को नहीं खोज पा रही है पुलिस

उक्त सुमित जेल से सिविल लाइन थाना परिसर में कूदा था, जिससे थाना प्रभारी देवेश सिंह को जांच के बाद ;लाइन हाजिर कर दिया गया था, जबकि जेल अधीक्षक और जेलर पर भी कार्रवाई होना चाहिए थी, इस वारदात में कौन सिपाही संलिप्त थे?, इसका भी पता लगाया जाना चाहिए था। कौन बाहरी व्यक्ति था, जो अंदर मदद पहुंचवा रहा था, इस बारे में भी खुलासा होना चाहिए था लेकिन, जेल के अंदर और बाहर से मदद करने वालों की खोजबीन करना भी उचित नहीं समझा गया, इस वारदात में क्या जाँच हुई और क्या कार्रवाई हुई?, इस बारे में कुछ भी सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

(गौतम संदेश की खबरों से अपडेट रहने के लिए एंड्राइड एप अपने मोबाईल में इन्स्टॉल कर सकते हैं एवं गौतम संदेश को फेसबुक और ट्वीटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं, साथ ही वीडियो देखने के लिए गौतम संदेश चैनल को सबस्क्राइब कर सकते हैं)

Leave a Reply