डी- 9 गैंग के सरगना के साथी कुख्यात इनामी बदमाश को नहीं खोज पा रही है पुलिस

डी- 9 गैंग के सरगना के साथी कुख्यात इनामी बदमाश को नहीं खोज पा रही है पुलिस

बदायूं के जिला कारागार से सनसनीखेज अंदाज में गायब हुए कुख्यात अपराधी सुमित का पुलिस सुराग नहीं लगा पा रही है। सुमित पुलिस के माथे पर ऐसा दाग लगा गया है कि पुलिस कुछ भी कर ले पर, वह दाग तब तक नहीं धुलेगा जब तक पुलिस सुमित को पुनः न दबोच ले। सुमित का सुराग न लगने के कारण पुलिस की लगातार फजीहत हो रही है।

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सनसनीखेज वारदात 22 मई 2018 की है। गोरखपुर जिले में स्थित चिलुआताल क्षेत्र के गाँव कुसहरा का मूल निवासी देवकी नंदन उर्फ चंदन सिंह और मुरादाबाद जिले के कस्बा बिलारी निवासी सुमित बदायूं स्थित जिला कारागार में बंद थे, इन दोनों ने जेल से फरार होने की योजना बना डाली थी। देर रात रस्सी के सहारे पिछली दीवार से दोनों भागने का प्रयास कर रहे थे। सुमित सिविल लाइन थाने के परिसर में कूद कर भाग गया था लेकिन, चंदन फंस गया था। चंदन का झाड़ा लिया गया तो, उसके पास से पिस्टल भी बरामद हुई थी। पुलिस को तत्काल सूचना मिल जाने के बावजूद जेल से कूद कर थाना परिसर से सुमित पहले से तैयार वाहन से फरार हो गया था।

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फरार सुमित पर इनाम घोषित करने के अलावा पुलिस अब तक कुछ और नहीं कर पाई है। पुलिस महानिदेशक के स्तर से सुमित पर दो लाख रूपये का इनाम घोषित है। पुलिस सुमित की गिरफ्तारी को लेकर कभी कोई बात नहीं करती है, जिससे यह ज्ञात ही नहीं है कि पुलिस सुमित की गिरफ्तारी के लिए क्या कर रही है। पुलिस ने यह भी नहीं बताया है कि सुमित देश में ही है या, देश से बाहर चला गया। जो भी हो, सुमित के गिरफ्तार न होने से पुलिस के माथे पर लगा कलंक का निशान दूर से ही दिख जाता है। पुलिस को खो चुका सम्मान सुमित की गिरफ्तारी के बाद ही मिल सकेगा।

उल्लेखनीय है कि डी- 9 गैंग का सरगना और अंतर्राज्जीय स्तर का बदमाश चंदन सिंह पुलिस हिरासत से दो बार भाग चुका है। बाराबंकी जेल से गोरखपुर के व्यापारियों से रंगदारी मांगने की पुष्टि होने पर और जेलर को बम से उड़ाने की धमकी देने के बाद चंदन को पहले लखनऊ और बाद में अप्रैल 2016 में बदायूं जेल में भेजा गया था। बदायूं से आगरा में उपचार के लिए भेजा गया चंदन सिंह 30 मई 2016 को भाग गया था। एसटीएफ ने चंदन को 4 मई 2017 को पुनः गिरफ्तार कर लिया था और 6 मई 2017 को बदायूं जेल में लाकर बंद कर दिया था, इससे पहले 12 अगस्त 2013 को गोरखपुर से देवरिया लौट रहा चंदन सिंह ट्रेन से कूदकर भाग गया था, जिसके बाद बाराबंकी जिले की पुलिस ने 17 जुलाई 2014 को गिरफ्तार किया था, इसके बावजूद चंदन के पास जेल के अंदर पिस्टल पहुंच गई थी।

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