एसएसपी सुनील सक्सेना के नाम से कांपने लगे हैं अपराधी

एसएसपी सुनील सक्सेना के नाम से कांपने लगे हैं अपराधी
एसएसपी सुनील कुमार सक्सेना
एसएसपी सुनील कुमार सक्सेना

बदायूं जिले के तेजतर्रार एसएसपी सुनील कुमार सक्सेना का खौफ अपराधियों में बढ़ता जा रहा है, उनके द्वारा बनाया गया दबंग दल न सिर्फ शहर में, बल्कि जिले भर में ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा है। एसएसपी स्वयं भी छापेमार कार्रवाई कर रहे हैं। अपराधियों के साथ दोषी पुलिस कर्मियों को भी दंडित कर रहे हैं, साथ ही अच्छे कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों का उत्साह बढ़ाते हुए पुरस्कृत कर रहे हैं, इसके अलावा वे विवेचनाओं पर भी पैनी नजर रखे हुए हैं, ताकि कोई निर्दोष न फंस न जाये।

एसएसपी सुनील कुमार सक्सेना पूर्व में जिले के एएसपी रह चुके हैं, जिससे जिले की आपराधिक पृष्ठभूमि से वे परिचित थे ही, इसलिए उन्हें फॉर्म में आने में देर नहीं लगी। बदायूं जिले के हालात इतने भयावह हो चले थे कि यहाँ पुलिस मोटर साईकिल चैकिंग अभियान तक नहीं चला पा रही थी। संदिग्ध बाइक पकड़ते ही दारोगा पर छोड़ने का दबाव बना दिया जाता था, जिससे अपराधी पुलिस पर हावी होते चले गये, इस स्थिति को सुनील कुमार सक्सेना आते ही भांप गये और स्वयं सड़क पर उतर कर बाइक चैक करने लगे। कप्तान के सड़क पर आते ही अपराधियों के मददगार भूमिगत हो गये। वही पुलिस अब चैकिंग अभियान चला रही है, लेकिन बाइक छोड़ने के लिए किसी के द्वारा दबाव नहीं बनाया जा रहा। हालांकि कप्तान द्वारा चैकिंग अभियान चलाने पर विभाग व राजनीति क्षेत्र में लोग यह कहते सुने गये कि कप्तान को इतना छोटा काम स्वयं नहीं करना चाहिए, पर उस कार्रवाई के मायने लोगों की समझ में अब आ रहे हैं। अपराधियों और उनके मददगारों के हौसले पस्त हुए हैं, वहीं पुलिस का साहस बढ़ा है।

गाय-बैल की तस्करी के लिए बदायूं जिला प्रदेश भर में कुख्यात है। पुलिस की मिलीभगत से तस्कर बड़े स्तर पर मांस का व्यापार कर रहे थे। एसएसपी ने समीक्षा में अधीनस्थों को मांस की तस्करी पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दे दी, इसके बाद स्वयं निरीक्षण करने लगे, तो बड़े स्तर पर मांस तस्करी में गिरावट आई है। बीती रात एसएसपी ने नूरपुर पिनौनी में चौकी पर तैनात सिपाहियों के संबंध में आम लोगों से जानकारी ली, तो लोगों ने तस्करी पर पूर्ण रोक लगने की बात बताई, इस पर एसएसपी ने चौकी के सिपाहियों को एक हजार रूपये का पुरस्कार दिया है। एसएसपी की कड़ाई का ही परिणाम है कि किसी न किसी थाना पुलिस द्वारा लगभग प्रतिदिन गाय, बैल और मांस बरामद किया जा रहा है।

दबंग दमन दल के शिकंजे में फंसे सटोरिये।
दबंग दमन दल के शिकंजे में फंसे सटोरिये।

इधर बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गाँव कुआडांडा में एसएसपी को बताया गया कि प्रवेश नाम का सिपाही हत्यारोपियों से मिला हुआ है। उन्होंने अपने स्तर से जांच कराई और पुष्टि होते ही उन्होंने सिपाही प्रवेश को तत्काल हटा दिया। शहर में सट्टा होने की सूचनायें मिलीं, तो एसएसपी ने दबंग दमन दल को सट्टे पर शिकंजा कसने का निर्देश दे दिया। दबंग दमन दल ने खुफिया जाल बिछा कर बुधवार को सदर कोतवाली क्षेत्र में बिरूआवाड़ी मन्दिर के पास स्थित दावत रेस्टोरेन्ट वाली गली के अंदर बृजपाल के मकान में सट्टा पकड़ लिया। बृजपाल नहीं मिला, लेकिन अनिल पुत्र शान्ति स्वरूप निवासी चौधरी सराय सदर कोतवाली, लकी पुत्र सूरजपाल निवासी लोचीनगला सदर कोतवाली, सोनू पुत्र कैलाश चन्द्र निवासी हलवाई चौक सदर कोतवाली, अनूप पुत्र रघुनन्दन प्रसाद निवासी मढ़ई चौक सदर कोतवाली को दबोच लिया, उनके पास से 3329 रूपये नकद, कैलकुलेटर, दो मोबाईल और सट्टे से सम्बन्धित पर्चियां बरामद की गईं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सक्सेना ने दबंग दमन दल की प्रसंशा करते हुए पुरूस्कृत भी किया। सटोरियों के विरुद्ध इस तरह कार्रवाई होने से शहर के लोगों का पुलिस के प्रति विश्वास बड़ा है, जो बड़ी बात है, क्योंकि यह आम बात आम हो चली थी कि सटोरियों के विरुद्ध कार्रवाई हो ही नहीं सकती

आपराधिक वारदातों के साथ एसएसपी पुलिस की गश्त और कार्यालय के रखरखाव पर भी नजर बनाये हुए हैं विवेचनाओं पर भी पूरा ध्यान दे रहे हैं विवेचनाओं को शीघ्र निस्तारित करने के साथ निर्दोष को न फंसाने की कड़ी चेतावनी दे रखी है एडीजीसी साधना शर्मा हत्याकांड का सही खुलासा एसएसपी के कारण ही संभव हो सका, वरना उझानी कोतवाली पुलिस हत्या मान ही नहीं रही थी, इस सब से पुलिस के प्रति आम जनता का विश्वास बढ़ा है, जो अल्प समय में एसएसपी की बड़ी उपलब्धि कही जा सकती है

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