यहाँ 29 हजार 500 रुपया प्रति कुंतल की दर से बिक रहा है गन्ना

यहाँ 29 हजार 500 रुपया प्रति कुंतल की दर से बिक रहा है गन्ना

अगर, किसान का गन्ना 29 हजार 500 रुपया प्रति कुंतल की दर से बिकने लगे तो, किसान का जीवन किसी भी अफसर की तुलना में ज्यादा वैभवशाली होगा। गन्ना 29 हजार 500 प्रति कुंतल की दर से ही बिक रहा है पर, किसान का नहीं बल्कि, व्यापारी का और किसान, वह सरकार द्वारा निर्धारित किये गये रेट से भी कम दर पर माफियों को गन्ना बेच कर किस्मत को कोसते हुए खुश हो जाता है।

उत्तर प्रदेश में गन्ने का रेट सरकार ने बढ़ा दिया है, जिसके बाद गन्ने की पहली फसल की कीमत 325 रुपया प्रति कुंतल, दूसरी फसल की कीमत 320 रुपया प्रति कुंतल और तीसरी एवं उससे भी आगे की फसल की कीमत 315 रुपया प्रति कुंतल है। किसान सरकार द्वारा तय की गई कीमत से ही खुश है पर, चीनी मिल और किसान के बीच में माफिया आ जाते हैं, जो निर्धारित मूल्य किसान तक नहीं पहुंचने देते।

गन्ना किसान को सम्मान तक नहीं मिलता, सरकारी कीमत पाने के लिए किसान पुलिस की लाठी खाता है, मिल के गेट पर रात-रात भर ठंड में खड़ा रहता है, घटतौली का शिकार होता है लेकिन, मॉल में और ऑन लाइन 29 हजार 500 रुपया कुंतल की दर से गन्ना बेचा जा रहा है। जी हाँ, गन्ने का 200 ग्राम का पैकेट 59 रूपये में में बेचा जा रहा है, इस पैकेट में गन्ने के छिले हुए आठ टुकड़े हैं।

किसान के खेत से दो-चार गन्ने लोग यूं ही खा जाते हैं, साथ ही जानवर बड़ी संख्या में फसल बर्बाद कर देते हैं। गन्ने का रस बेचने वाले छोटे व्यापारी गन्ना भी बेचते हैं पर, 5 से 8 किग्रा तक का गन्ना मात्र 10 रूपये में ही बिकता है। अगर, किसान का गन्ना 29 हजार 500 रुपया प्रति कुंतल की दर से बिकने लगे तो, किसान एक फसल में ही करोड़पति हो जायेगा, क्योंकि एक बीघा में 70 से 100 कुंतल तक गन्ना तैयार होता है, जो 23 से 25 लाख तक बिकेगा, ऐसे में किसी किसान के पास गन्ने की 10 बीघा फसल भी होगी तो, उसके परिवार में किसी को आत्महत्या करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और न ही वह कभी सूदखोर के द्वार पर जायेगा।

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