हादसे के कारण पकड़ गई अवैध शराब, पुलिस ने दिखाया गुड वर्क

हादसे के कारण पकड़ गई अवैध शराब, पुलिस ने दिखाया गुड वर्क

बदायूं जिले में होली पर कहर बरपाने का शराब माफिया का उद्देश्य फेल हो गया। हादसे के चलते शराब से भरी डीसीएम पुलिस के हत्थे चढ़ गई। पुलिस गुड वर्क दर्शा कर अब अपनी पीठ थप-थपा रही है। पुलिस की कहानी पर यह सवाल उठ रहा है कि जब पुलिस डीसीएम को दौड़ा रही थी, तो चालक-परिचालक कैसे भाग गये?

सहसवान कोतवाली पुलिस का कहना है कि उसे मुखबिर से सूचना मिली कि दिल्ली दिशा से शराब से भरी डीसीएम आ रही है, तो वह आबकारी विभाग की टीम के साथ डीसीएम का इंतजार करने लगी। डीसीएम आई, तो उसे रुकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने डीसीएम नहीं रोकी, तो पुलिस और आबकारी विभाग की टीम डीसीएम का पीछा करने लगी। भयभीत चालक ने डीसीएम जायलो कार से टकरा दी, तो चालक-परिचालक फरार हो गये और डीसीएम पुलिस ने कब्जे में ले ली। पुलिस के अनुसार डीसीएम में क्वाटर की ढाई सौ पेटी और बोतल की सौ पेटी हैं। शराब अरुणाचल प्रदेश की है, साथ ही डीसीएम की आगे और पीछे की नंबर प्लेट भी भिन्न और फर्जी है।

सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने फर्जी कहानी तैयार की है, क्योंकि डीसीएम गाँव सिलहरी के पास टकरा गई थी। हादसे के बाद डीसीएम की स्थिति आगे ले जाने लायक नहीं रही, तो चालक-परिचालक डीसीएम छोड़ कर भाग गये। पुलिस को हादसे की सूचना मिली, तो शराब देख कर पुलिस की आँखों में चमक आ गई और फिर आबकारी विभाग की टीम के साथ गुड वर्क की कहानी गढ़ ली।

पुलिस की कहानी पर सवाल इसलिए भी उठ रहा है कि जब पुलिस और आबकारी विभाग की टीम पूरी तरह सतर्क थी, तो चालक-परिचालक कैसे भाग गये?, उनके सामने भागे, तो इसके लिए पुलिस और आबकारी विभाग की टीम को दंडित किया जाना चाहिए, क्योंकि डीसीएम और शराब पुलिस के कब्जे में हैं, लेकिन यह किसी को नहीं पता कि शराब कौन ला रहा था, शराब कहाँ जा रही थी और इसके पीछे किसका हाथ है? पुलिस और आबकारी विभाग की टीम असली माफिया तक कभी नहीं पहुंच पायेगी, क्योंकि जिसे बैठे-बैठे गुड वर्क करने की आदत हो, वह आगे की मेहनत शायद ही करेगा।

(गौतम संदेश की खबरों से अपडेट रहने के लिए एंड्राइड एप अपने मोबाईल में इन्स्टॉल कर सकते हैं एवं गौतम संदेश को फेसबुक और ट्वीटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं, साथ ही वीडियो देखने के लिए गौतम संदेश चैनल को सबस्क्राइब कर सकते हैं)

Leave a Reply