13 आईएएस अफसरों का तबादला, बदायूं सहित चार डीएम भी बदले

13 आईएएस अफसरों का तबादला, बदायूं सहित चार डीएम भी बदले

उत्तर प्रदेश सरकार ने विकास कार्य ठप होने और फजीहत के बाद कई जिलों के डीएम को बदल दिया है। निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने की उल्टी गिनती चल रही है, ऐसे में लापरवाह डीएम और भी नुकसान करते, उससे पहले 13 आईएएस अफसरों को सरकार ने बदल दिया।

गाजियाबाद की तेजतर्रार जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है, वहीं संजय कुमार को राजस्व विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है। इलाहाबाद के डीएम संजय कुमार की जगह आबकारी विभाग के विशेष सचिव सुहास एल. वाई. को इलाहाबाद का डीएम बनाया गया है। अदिति सिंह की जगह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे रविकुमार एनजी को उन्नाव का जिलाधिकारी बनाया गया है एवं अदिति सिंह को अपर आयुक्त वाणिज्य कर के पद पर नोएडा भेजा गया है। बदायूं की डीएम अनीता श्रीवास्तव को कार्मिक विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है, उनकी जगह गृह विभाग में विशेष सचिव के रूप में तैनात दिनेश कुमार सिंह (द्वितीय) को बदायूं का डीएम बनाया गया है, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम, मेरठ के एमडी अभिषेक प्रकाश को विशेष सचिव गृह के पद पर भेजा गया है।

प्रतीक्षारत अपर्णा यू को सचिव ऊर्जा व जल विद्युत निगम का एमडी बनाया गया है। गृह विभाग में विशेष सचिव विवेक को इलाहाबाद में आयोजित होने वाले कुंभ मेले का अधिकारी बनाया गया है। मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सीताराम यादव को अपर महानिरीक्षक स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन के पद पर लखनऊ में तैनात किया गया है, उनकी जगह अपर आयुक्त बरेली साहब सिंह को भेजा गया है। कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा में विशेष सचिव पवन कुमार को पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम, मेरठ के एमडी पद पर तैनात किया गया है।

विभिन्न रंगों की साड़ियाँ पहने हुए अनीता श्रीवास्तव।

उल्लेखनीय है कि बदायूं से हटाई गईं डीएम अनीता श्रीवास्तव के आने के बाद से बदायूं के हालात दयनीय हो गये थे, उन्हें पवन कुमार की जगह तैनात किया गया था, तब बदायूं की स्थिति प्रदेश में बेहतर थी, लंबे समय बाद बदायूं को पवन कुमार जैसा गंभीर आईएएस अफसर मिला था, उनसे पहले प्रमोटिड अफसर ही तैनात थे, जिन्होंने बदायूं के हालात भयावह कर दिए। अनीता श्रीवास्तव के आते ही पुनः वही सब होने लगा। कलेक्ट्रेट में भ्रष्ट बाबुओं का राज कायम हो गया। खुलेआम रिश्वत ली जाने लगी। बिना कमीशन के कुछ भी होना बंद हो गया, जिससे आम जनता त्राहि-त्राहि कर उठी। बदायूं के विधायकों ने एक मत से डीएम को हटाने का पत्र लिखा, प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से शिकायत की गई, जिसके बाद अनीता श्रीवास्तव का तबादला हो सका है। यह भी बता दें कि विधान सभा चुनाव के दौरान अनीता श्रीवास्तव पर सोनभद्र में सपा की मदद करने का आरोप लगा था, जिसकी जाँच कराने के बाद उन्हें आयोग ने हटाया था। बदायूं का यह दुर्भाग्य ही कहा जायेगा कि भाजपा सरकार बनने के बाद पहली सूची जारी हुई, तो अनीता श्रीवास्तव को बदायूं का डीएम बना दिया गया। अनीता श्रीवास्तव को सैकड़ों साड़ियों की मालकिन होने के लिए ही याद किया जायेगा। अब आशा है कि नये डीएम कलेक्ट्रेट को भ्रष्ट बाबुओं से निजात दिला देंगे और जिले के विकास पर ध्यान देंगे।

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