साईकिल में दो पहिया लोहिया और अंबेडकर के विचारों के हैं: अखिलेश

साईकिल में दो पहिया लोहिया और अंबेडकर के विचारों के हैं: अखिलेश

दिल्ली फतेह करने का ख्वाब लेकर निकले समाजवादियों ने सुहाने मौसम में लक्ष्य प्राप्त कर लिया। गाजीपुर और सहारनपुर से रवाना हुई साईकिल यात्रा का आज जंतर-मंतर पर भव्य समापन हुआ।  समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, सांसद प्रो. रामगोपाल यादव और लोकप्रिय युवा सांसद धर्मेन्द्र यादव सहित तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

मुलायम सिंह यादव आज पूरी तरह बदले नजर आये। उन्होंने साईकिल यात्रा आयोजित करने पर बधाई देते हुए कहा कि लड़कियों को आगे नहीं आने दिया, यह शिष्टाचार नहीं है, लड़कियों को सम्मान देने का समाजवादियों का इतिहास है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का नेतृत्व बढ़ाइए, लड़कियाँ आगे आने से ही पार्टी आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का आलम यह है कि जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं, इसीलिए इतनी भीड़ जुटी है। उन्होंने कहा कि गरीबों और बीमारों की मदद कीजिये, मधुर भाषा बोलें, कोई ऐसा काम न करें, जिससे छवि खराब हो। उन्होंने कहा कि मेरी इच्छा थी कि समाजवादी पार्टी कभी बूढ़ी न हो, यहाँ युवाओं को देख कर उन्हें खुशी हो रही है। बोले- आप सभी को आशीर्वाद देते हैं कि आप सब नेता बनें।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से बात की और कहा कि काम नहीं दे सके तो, पन्द्रह लाख रुपया दो, हर साल तीन-तीन लाख ही दे दो तो, पांच साल में 15 लाख हो जायेंगे पर, झूठ बोल कर सरकार बना ली। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में उन्होंने नौकरियां दीं और बेरोजगारों को भत्ता दिया। समाजवादी जो कहते हैं, वही करते हैं। उन्होंने सपा प्रत्याशियों को जिताने का आह्वान किया।

अखिलेश यादव ने कहा कि नेता जी के आने से जितनी ऊर्जा मिली है, उसकी कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने आश्वस्त किया कि नेता जी का निर्देश महिलाओं को आगे लाकर पूरा किया जायेगा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वे अपनी पत्नी को लोकसभा भेज चुके हैं, इसलिए उन पर आरोप नहीं लगा सकते।

उन्होंने कहा कि साईकिल में एक पहिया लोहिया जी के विचारों का है और दूसरा पहिया डॉ. अंबेडकर के विचारों का है। उन्होंने नोटबंदी को लेकर एक बार फिर सवाल उठाये। किसानों की आत्म हत्या और व्यापार बंद होने का मुद्दा उठाया। बेरोजगारी की बात की। उन्होंने कहा कि सरकार से सवाल करो तो, कहा जाता है कि पकौड़े बेचो और नाले में पाइप लगा लो।

उन्होंने कहा कि सपा नौजवानों की पार्टी है लेकिन, गरीबों को सर्वाधिक भरोसा समाजवादी पार्टी पर ही है। उन्होंने विकास किया, तमाम सुविधायें दीं लेकिन, आज गन्ना किसान दुखी है, उनका रुपया बकाया है। सरकार से कहो तो, मुख्यमंत्री कहते हैं कि ज्यादा गन्ना होने से सुगर होती है, हनुमान चालीसा पढ़ने से बंदर भाग जाते हैं। उन्होंने नियुक्तियों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अस्पताल और थानों में जाति पूछी जा रही है। बोले- सात-आठ जिलों में ही हजारों बच्चे मर गये, इसके लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि विकास यात्रा, सामाजिक न्याय यात्रा और लोकतंत्र बचाओ यात्रा यहीं नहीं रुकेगी, यह चलती रहेगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय तभी संभव है, जब जाति के आधार पर गणना हो।

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