फिल्म भाग्य को मिला एक और अवार्ड

फिल्म भाग्य को मिला एक और अवार्ड

निर्माता-निर्देशन हिम्मत सिंह शेखावत और लेखिका उषा राठौड़ की फिल्म “भाग्य” ने एक और अवार्ड झटक लिया है। नासिक इंटरनेश्नल फिल्म फेस्टिबल में फिल्म “भाग्य” को “बेस्ट चिल्ड्रन” फिल्म का अवार्ड दिया गया है। फिल्म “भाग्य” की कहानी के केंद्र में बच्चे हैं, जिन्हें सामाजिक बुराईयों और कुरीतियों से बचाने का संदेश बड़े ही सहज […]

विराट की सफलता के लिए अनुष्का कर रही अनुष्ठान

विराट की सफलता के लिए अनुष्का कर रही अनुष्ठान

किरन कांत भारत ही नहीं, बल्कि विश्व पटल पर इस वक्त क्रिकेटर विराट कोहली और अनुष्का शर्मा धूम मचाये हुए हैं। वर्ल्ड कप को लेकर विराट चर्चा में हैं और अपनी फिल्म एनएच- 10 को लेकर अनुष्का भी ख़ास चर्चा के केंद्र में हैं। विराट और अनुष्का के बीच प्रेम संबंध भी है और माना […]

अविभावकों को जागरूक करेगी फिल्म भाग्य

अविभावकों को जागरूक करेगी फिल्म भाग्य

अब फिल्म सिर्फ मनोरंजन का विषय नहीं है। इस क्षेत्र को अब एक शक्तिशाली इंडस्ट्री के रूप में जाना जाता है, जो मनोरंजन ही नहीं कराता, बल्कि मीडिया का भी काम कर रहा है। शोषण के विरुद्ध आवाज उठा रहा है। लिंग भेद, जाति भेद और धार्मिक उन्माद के विरुद्ध सबसे सशक्त माध्यम बनता जा […]

देविका ने युसूफ को बनाया दिलीप कुमार

हिन्दुस्तान और पकिस्तान में बराबर सम्मान पाने वाले दिलीप कुमार जैसे सौभाग्यशाली लोग बहुत कम होते हैं। हिंदुस्तान के ट्रेजडी किंग और पाकिस्तान के निशान-ए-इम्तियाज दिलीप कुमार उर्फ युसूफ खान का जन्म आज ही के दिन 11 दिसम्बर 1922 को वर्तमान में पाकिस्तान में स्थित पेशावर शहर में हुआ था। विभाजन के दौरान उनका परिवार […]

भीष्म साहनी : मानवीय संवेदना के सशक्त हस्ताक्षर

भीष्म साहनी : मानवीय संवेदना के सशक्त हस्ताक्षर

भीष्म साहनी का जन्म 8 अगस्त 1915 को रावलपिण्डी में एक सीधे-सादे मध्यवर्गीय परिवार में हुआ था। 1935 में लाहौर के गवर्नमेंट कालेज से अंग्रेजी विषय में एम.ए. की परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात् उन्होने डॉ इन्द्रनाथ मदान के निर्देशन में ‘Concept of the hero in the novel’ शीर्षक के अन्तर्गत अपना शोधकार्य सम्पन्न किया। […]

हँसो-हँसाओ

पत्नी- तुम मुझसे कितना प्यार करते हो? पति- इतना करता हूँ, कि तुम्हारा जूठा जहर भी पी सकता हूँ, आज़माकर देख लो। ——— संता- डार्लिंग, अभी-अभी मेरा एक दोस्त खाने पर हमारे घर आने वाला है। जीतो- तुम्हारा दिमाग खराब है? पूरा घर अस्त-व्यस्त पड़ा है, किचन में सामान भी नहीं है, मैं बहुत थकी […]

सूझबूझ

सूझबूझ

  बहुत दिन पहले की बात है। महोबा नामक गाँव में रामगुप्त नामक एक बनिया था। उसके दो पुत्र थे। बाप-बेटे सब मिल कर छोटा-मोटा व्यापार किया करते थे। रामगुप्त एक जमाने में बड़ा धनी था। मगर व्यापार में उसने अपना सर्वस्व खो दिया था। अब उसके यहाँ सिवाय एक बड़ा घर के संपत्ति के […]

कहानी

  चिड़ा और खरगोश का घोंसला एक चिड़ा पेड़ पर घोंसला बनाकर मजे से रहता था। एक दिन वह दाना पानी के चक्कर में अच्छी फसल वाले खेत में पहुंच गया। वहां खाने पीने की मौज से बड़ा ही खुश हुआ। उस खुशी में रात को वह घर आना भी भूल गया और उसके दिन […]

बचत का महत्व

  एक किसान था। इस बार वह फसल कम होने की व‍जह से चिंतित था। घर में राशन ग्यारह महीने चल सके उतना ही था। बाकी एक महीने का राशन का कहां से इंतजाम होगा। यह चिंता उसे बार-बार सता रही थी। किसान की बहू का ध्यान जब इस ओर गया तो उसने पूछा, पिताजी […]