सरकार को संकट में डाल कर गंगा सिंह यादव पहुंचे सरयू तट

सरकार को संकट में डाल कर गंगा सिंह यादव पहुंचे सरयू तट
अयोध्या में सरयू तट पर पुस्तक में पढ़ कर जप करते विवादित एसओ गंगा सिंह यादव।
अयोध्या में सरयू तट पर पुस्तक में पढ़ कर जप करते विवादित एसओ गंगा सिंह यादव।

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में स्थित उसहैत थाना क्षेत्र के गाँव कटरा सआदतगंज की चर्चित घटना में दो सिपाही भी आरोपी हैं, जिससे समूचा पुलिस प्रशासन ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सरकार तक कठघरे में खड़ी है और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को जवाब नहीं दे मिल रहा है। बदायूं के एसएसपी अतुल सक्सेना को निलंबित करने के बाद एसओ गंगा सिंह यादव के विरुद्ध कार्रवाई न होने को लेकर सवालों की बौछार और तेज हो गई है, जिससे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की परेशानी एक बार फिर बढ़ गई है, लेकिन इस सब से बेखबर गंगा सिंह यादव अयोध्या में सरयू तट पर भजन-पूजन में व्यस्त हैं और अपने गुरु भाई एक मीडिया कर्मी के साथ गंगा दशहरे के पर्व पर मौज ले रहे हैं।

बदायूं जिले के गाँव कटरा सआदतगंज में 27-28 मई की रात दर्दनाक और शर्मनाक घटना घटित हुई थी। 28 मई की सुबह को चचेरी-तहेरी बहनों के शव आम के पेड़ पर लटके मिले थे। मृतकाओं के परिजनों ने तीन सगे भाइयों सहित दो पुलिस वालों पर यौन शोषण और हत्या का आरोप लगाया है। घटना स्थल पर 28 मई की शाम तक जमकर बवाल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया। इस घटना में दो सिपाही सहित पांच नामजद आरोपी जेल जा चुके हैं। दोनों आरोपी सिपाही बर्खास्त किये जा चुके हैं और पूरे चौकी स्टाफ को निलंबित कर दिया गया है। प्रमुख सचिव गृह को हटाया जा चुका है एवं एसएसपी बदायूं को निलंबित किया जा चुका है, ऐसे में यह सवाल उठ रहा था कि एसओ उसहैत गंगा सिंह यादव के विरुद्ध कार्रवाई क्यूं नहीं हुई? पुलिस और सरकार पर दबाव ज्यादा बढ़ा, तो गंगा सिंह यादव को उसहैत थाने से हटा कर बदायूं की सदर कोतवाली में तैनात कर दिया, पर शनिवार को एसएसपी अतुल सक्सेना को निलंबित करने का आदेश जारी हुआ, तो गंगा सिंह यादव को लेकर एक बार फिर सवाल तेज हो गये। पुलिस और सरकार पर पुनः अंगुली उठने लगी, जिसका जवाब कोई नहीं दे पा रहा है।

घटना को लेकर समूची सरकार कठघरे में खड़ी है और मुख्यमंत्री जवाब नहीं दे पा रहे हैं, ऐसे में गंगा सिंह यादव अयोध्या में सरयू तट पर आनंद ले रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि दैनिक जागरण के एक पत्रकार से गंगा सिंह यादव की घनिष्ठ मित्रता है, वही पत्रकार उन्हें इस संकट से निकालने के लिए अयोध्या ले गया है। इस पत्रकार मित्र ने गंगा दशहरा के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना करा कर गंगा सिंह यादव को संकट से मुक्ति दिलाने का आश्वासन दिया है। उधर पुलिस सूत्रों का कहना है कि गंगा सिंह यादव सदर कोतवाली में आमद कराने के बाद लौटे ही नहीं हैं। उनके बारे में किसी को नहीं पता कि वह कहाँ हैं और ड्यूटी पर कब लौटेंगे?

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