धर्मेन्द्र यादव की छाया से मुक्त होना चाहते हैं आबिद रजा

धर्मेन्द्र यादव की छाया से मुक्त होना चाहते हैं आबिद रजा
विधायक व दर्जा राज्यमंत्री आबिद रजा के साथ गांधी ग्राउंड में मौजूद डीएम, एसएसपी और अन्य तमाम अफसर।
विधायक व दर्जा राज्यमंत्री आबिद रजा के साथ गांधी ग्राउंड में मौजूद डीएम, एसएसपी और अन्य तमाम अफसर।
धर्मेन्द्र यादव की एकमात्र पहचान सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के भतीजे के रूप में थी और जब तक वह मैनपुरी के सांसद रहे, तब तक वह सिर्फ भतीजे के रूप में ही जाने जाते थे, लेकिन बदायूं लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने जाने के बाद धर्मेन्द्र यादव ने लगन और मेहनत से स्वयं को सिद्ध किया है। वह लगातार तीसरी बार सांसद हैं और पिछले कुछ वर्षों में वह जिस तरह से संसद में बोलने लगे हैं, उससे उनकी अपनी एक अलग तटस्थ पहचान बनी है, उनके तेवरों को हर कोई सराहने लगा है। पिछले दिनों बदायूं में आये मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी मंच से धर्मेन्द्र यादव की संसद में बोलने को लेकर प्रशंसा की, मतलब धर्मेन्द्र यादव प्रदेश के नहीं, बल्कि अब देश के नेताओं में गिने जाते हैं।
धर्मेन्द्र यादव वर्तमान में बदायूं लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बदायूं में हुए विकास कार्य उन्होंने ही कराये हैं। मेडिकल कॉलेज, ओवरब्रिज, बाईपास के अलावा हाइवे के चौड़ीकरण से लेकर किसी गाँव के संपर्क मार्ग तक के विकास कार्य उनके द्वारा ही कराये गये हैं। जिले में हुए विकास कार्यों का श्रेय जनता उन्हें ही देती है, तभी भाजपा की आंधी में उन्होंने लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को विशाल अंतर से हराया। कुल मिला कर धर्मेन्द्र यादव के विशाल कद के नीचे जिले के नेता और विधायक दब गये हैं, जिससे स्थानीय नेता मनमानी नहीं कर पा रहे हैं, वे अंदर ही अंदर घुट रहे हैं। सदर विधायक आबिद रजा आजम खान से संबंध बनाने में कामयाब रहे हैं और उन्हीं संबंधों के आधार पर उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा मिला हुआ है, लेकिन धर्मेन्द्र यादव के कद के सामने दर्जा राज्यमंत्री की चमक फीकी पड़ी हुई है, जिससे वह अपनी अलग छवि बनाने में जुटे हुए हैं। आजम खान का दाहिना हाथ सिद्ध करने में उन्हें बड़ा लाभ है, सो वे ऐसा कोई मौका नहीं छोड़ते। आजम खान को वर्ष में दो-तीन बार बुलाने में वे कामयाब हो जाते हैं। चूँकि आजम खान को धर्मेन्द्र यादव सपा सुप्रीमो जैसा ही सम्मान देते हैं, जिससे जिले की जनता और अफसरों के सामने धर्मेन्द्र यादव का कद घटता है और आबिद रजा का स्वतः बढ़ जाता है, इसी सोच के चलते आजम खान 13 जुलाई को जिले में फिर आ रहे हैं, जो ई-रिक्शा वितरण के साथ करोड़ों रूपए के निर्माण कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे। हालांकि ई-रिक्शा बाँटने की योजना आजम खान के विभाग द्वारा ही संचालित की जा रही है, लेकिन धर्मेन्द्र यादव के रहते बदायूं जिले में उनका मुख्य अतिथि बनना सामान्य घटना नहीं है।
खैर, राजनीति में कोई किसी का सगा नहीं होता और न ही कोई किसी को लाभ पहुंचाता है। सबके अपने लक्ष्य होते हैं, जिन्हें पाने की दिशा में ही सब जुटे रहते हैं। हालाँकि उक्त सोच को लेकर समाजवादी पार्टी में कोई कुछ भी कहने को तैयार नहीं होगा और न ही कोई पुष्टि करेगा, लेकिन सच यही है कि धर्मेन्द्र यादव के आभा मंडल से निकलने की दिशा में ही प्रयास किये जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि नगरीय निकाय क्षेत्रों में विभिन्न निर्माण एजेंसियों तथा विभागों द्वारा लगभग दस करोड़ की लागात से तैयार कराई गई 38 सड़कों का लोकार्पण एवं 716 ई-रिक्शा का आजम खान द्वारा वितरण किया जाएगा, साथ ही राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज के प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारम्भ किया जायेगा। कार्यक्रम की तैयारी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम जैसी ही की जायेंगी और सम्भावित बारिश को ध्यान रखते हुए विशाल पंडाल तैयार किया जाएगा। प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खान 13 जुलाई को प्रातः 11 बजे लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन पहुंचेंगे। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आज शहर विधायक, वक्फ विकास निगम के अध्यक्ष, दर्जा राज्यमंत्री आबिद रजा के साथ जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी, एसएसपी सुनील सक्सेना, सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया ने जिले के अन्य तमाम अफसरों के साथ स्थानीय गांधी ग्राउंड पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण भी किया। यहाँ यह भी बता दें कि आजम खान पिछली 2 जुलाई को ही बदायूं आये थे और रोजा इफ्तार कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बने थे।
संबंधित खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें लिंक

One Response to "धर्मेन्द्र यादव की छाया से मुक्त होना चाहते हैं आबिद रजा"

  1. Pradeep Yadav   July 8, 2016 at 11:53 PM

    आयु सोचती है, जवानी करती है.
    Budaun ke M.P. sir ka koi Tod nahe .

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published.