पीड़िता को विक्षिप्त करार देने का प्रयास हुआ था, भाईयों और गवाहों पर लगा था अपहरण का आरोप

पीड़िता को विक्षिप्त करार देने का प्रयास हुआ था, भाईयों और गवाहों पर लगा था अपहरण का आरोप

मुकुल प्रताप सिंह

बदायूं के चर्चित अपहरण और यौन उत्पीड़न कांड के आरोपी पूर्व विधायक योगेन्द्र सागर को न्यायालय ने शनिवार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुना दी, साथ ही तीस हजार रुपया अर्थ दंड देने की भी सजा सुनाई है, जो पीड़िता को दिए जायेंगे। आर्थिक दंड न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी, यह सजा धारा- 376 (2) जी आईपीसी का दोषी पाये जाने पर सुनाई गई है, इसके अलावा धारा- 506 आईपीसी का भी दोषी पाये जाने पर तीन माह की सजा सुनाई गई है। कैदी योगेन्द्र सागर को जेल भेज दिया गया है।

यह था मामला

पीड़िता बदायूं जिले के कस्बा बिल्सी की निवासी है। घटना वर्ष- 2008 की है, उस समय वह बीए की छात्रा थी। 23 अप्रैल की दोपहर में वह अपने घर से सहेली के घर नोटस लेने के लिए निकली थी पर, शाम तक नहीं लौटी तो, परिजनों ने उसके बारे में सहेली के घर पूछताछ की। पता चला कि वह सहेली के घर पहुंची ही नहीं है। यह जानकर परिजनों के होश उड़ गये। ज्योति के पिता ने बिल्सी थाना पुलिस को बेटी के गायब होने की सूचना दी पर, पुलिस ने न शिकायत दर्ज की और न ही उसे खोजने का उचित आश्वासन दिया। पिता अगले दिन जिले के उच्चाधिकारियों से भी मिले पर, किसी से कोई मदद नहीं मिली। घटना के करीब सात दिन बाद उस समय बरेली रेंज के आईजी जावीद अहमद बदायूं आये तो, उन्होंने पत्रकारों के साथ एक बैठक रखी। वार्ता के दौरान पत्रकारों ने आईजी को पीड़िता के गायब होने की घटना से अवगत कराया और बिल्सी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किये तो, आईजी ने मुकदमा दर्ज करा दिया पर, मुकदमे में बिल्सी विधान सभा क्षेत्र के उस समय के बसपा विधायक योगेन्द्र सागर का नाम पुलिस ने नहीं लिखा। मुकदमा आरोपी विधायक के रिश्तेदार व प्रतिनिधि तेजेन्द्र सागर व उसके एक दोस्त मीनू शर्मा के खिलाफ ही दर्ज किया गया। पुलिस ने इन दोनों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की।

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सत्ता का दुरूपयोग हुआ था

सत्तापक्ष व विधायक के करीबी होने के कारण दोनों नामजद आरोपी खुलेआम घूमते रहे और पीडि़त परिवार को ही धमकाते रहे। इस बीच आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाये पुलिस ने एक कहानी गढ़ी कि पीड़िता एक मुस्लिम युवक के साथ भाग गयी है। यह कहते हुए पुलिस ने नामजदों के खिलाफ कार्रवाई करने से मना कर दिया पर, वह मुस्लिम युवक कौन है और कहां का है। इस का जवाब पुलिस नहीं दे पायी।

ऐतिहासिक आंदोलन हुआ

पुलिस द्वारा खुलेआम किये जा रहे इस पक्षपात से जनता भडक़ उठी और पूरे जिले में आंदोलन, चक्का जाम एवं पुतला दहन का दौर शुरु हो गया। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाये पुलिस प्रदर्शनकारियों पर ही मुकदमे ठोंकने लगी। दो दर्जन से अधिक लोगों पर विभिन्न थाना क्षेत्रों में मुकदमे लिखा दिये गये। जनता डरने की बजाये और ज्यादा भडक़ गयी। हर जाति और हर धर्म के लोग पीड़िता की बरामदगी व आरोपी विधायक व साथियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे तो, शासन ने मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी। जो सीबीसीआईडी जांच करने में महीनों ही नहीं बल्कि, वर्षों लगा देती है लेकिन, इस मामले में कुछ ही हफ्तों में जांच पूरी कर ली गयी और लखनऊ से बयान आया कि आरोपी विधायक योगेन्द्र सागर निर्दोष है, जबकि पीडि़त लडक़ी लगातार विधायक के खिलाफ बयान दे रही थी।

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मुजफ्फरनगर से बरामद दर्शाई थी पीड़िता

पुलिस ने दबाव में पीड़िता को जनपद मुजफ्फनगर के रेलवे स्टेशन से बरामद दिखा दिया। पुलिस ने बताया कि 16/17 मई 2008 की रात में स्टेशन पर अकेली खड़ी थी। बरामदगी के बाद पुलिस ने पीड़िता को किसी से नहीं मिलने दिया। जिला मुख्यालय लाने की बजाये कस्बा उझानी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर पीड़िता का मेडीकल परीक्षण कराया गया, क्योंकि वहां परीक्षण करने वाली डॉक्टर आरोपी विधायक की रिश्तेदार तैनात थी। इसीलिए पीड़िता की मेडीकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि नहीं हुई। हजारों लोगों की मौजूदगी के कारण विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच पीड़िता को अगले दिन अदालत में पेश किया गया तो, लोग पीड़िता की दशा देख कर हैरान रह गये। न वह सही से देख पा रही थी, न चल पा रही थी और न ही ठीक से बोल पा रही थी। अदालत में भी वकील व जज सवाल कुछ रहे थे और पीड़िता जवाब कुछ दे रही थी। आरोपी पक्ष पीड़िता को विक्षिप्त करार देने पर तुला हुआ था। पीड़िता किसके पास रहेगी?, यह निर्णय न होने के कारण पीड़िता को बरेली स्थित नारी निकेतन भेज दिया गया। नारी निकेतन में भी पीड़िता को परिजनों से नहीं मिलने दिया गया, जब कि विधायक पक्ष के लोग उसे लगातार धमकाते रहे।

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विदेश भेजने की तैयारी थी

अदालत के आदेश पर पुलिस ने पीड़िता को उसके पिता के हवाले कर दिया, तब पीड़िता ने सनसनीखेज खुलासे किये थे कि उसे अगवा कर लखनऊ में एक कमरे में बंधक बना कर रखा गया। पीड़िता ने यह भी बताया कि विधायक योगेन्द्र सागर के अलावा और कई लोगों ने उसका साथ यौन उत्पीड़न किया। इस दौरान उसे नशे के इंजेक्शन व गोलियां भी दी गयीं। मुंह खोलने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी गयी। पीड़िता ने यह भी बताया कि उसे बेच दिया गया और मुजफ्फनगर से मुंबई पहुंचा कर विदेश भेजने का षढय़ंत्र भी रच लिया गया था, इसी दौरान मुजफ्फनगर से उसे पुलिस अपने साथ ले आई।

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न्यायालय के आदेश पर आरोपी बने थे योगेन्द्र

सीबीसीआईडी ने आरोपी विधायक योगेन्द्र सागर को दोष मुक्त करार दे दिया तो, बिल्सी थाना पुलिस ने विधायक के रिश्तेदार तेजेन्द्र सागर व उसके दोस्त को बरी कर दिया। पीड़िता के अपहरण का पूरा मामला ही पुलिस ने दबा दिया, जैसे कोई घटना ही नहीं हुई थी। ऐसे में पीड़िता और उसके परिजनों के पास न्याय पाने का एक मात्र सहारा अदालत ही बची थी। पीड़िता के पिता ने अदालत का दरबाजा खटखटाया। लंबी सुनवाई व कागजी जांच पड़ताल के बाद अदालत ने बसपा विधायक योगेन्द्र सागर, रिश्तेदार तेजेन्द्र सागर व उसके दोस्त को दोषी मानते हुए अपना पक्ष रखने के लिए तलब कर लिया।

नोयडा स्थित अस्पताल से हुई थी गिरफ्तारी

विधायक पक्ष अदालत में अपील दर अपील करता रहा। जिला न्यायालय से राहत नहीं मिली तो, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय तक मामला पहुंचा पर, आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली, साथ ही प्रदेश में बसपा की जगह सपा की सरकार आ गई तो, विधायक भूमिगत हो गये, जो उच्च न्यायालय के कड़े आदेश के बाद सामने आये लेकिन, बीमार के चलते अस्पताल में भर्ती हो गये। पुलिस ने विधायक को अस्पताल में ही गिरफ्तार कर लिया। इस प्रकरण में दो आरोपियों को पहले ही सजा मिल चुकी है, जो जेल में हैं, इससे पहले पूर्व विधायक ने बसपा सरकार में पीड़िता के परिवार पर कहर भी ढाया। पीड़िता के दोनों भाईयों और गवाह पर एक लड़की के अपहरण का मामला दर्ज करा दिया गया था, जिसमें वह सब जेल भी गये थे।

पीड़िता को मिली होगी राहत

पीड़िता का विवाह हो चुका है, उसके बच्चे हैं, वह पति-बच्चों और परिवार के साथ खुश है, उसके साहस के चलते ही दबंग आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचे हैं, इस पूरे प्रकरण में जिसने सर्वाधिक सजा भुगती है, वह पीड़िता ही है, उसे आज अंतिम आरोपी को सजा मिलने के बाद जरुर राहत की अनुभूति हुई होगी।

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