बदायूं जिले में दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव वीरमपुर में हुये माँ-बेटी के नृशंस हत्या कांड के पीछे लंबी कहानी है, जिसका उल्लेख एफआईआर में नहीं किया गया है, इस हत्या कांड में सीधा हाथ भले ही न हो पर, इस पूरे कांड के पीछे वजीरगंज का कुख्यात भू-माफिया ही दिखाई दे रहा है। सूत्रों के अनुसार पुलिस हत्यारोपियों तक पहुंच गई है लेकिन, पुलिस को घटना की पृष्ठभूमि को भी खंगालना होगा।
उल्लेखनीय है कि दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव वीरमपुर में शांति देवी और उनकी बेटी जयंती देवी की चाकू से गला रेत कर 14/15 अगस्त की रात में हत्या की गई थी, जिसकी एफआईआर संजू सिंह ने दर्ज कराई है, उन्होंने वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव रोटा निवासी संजीव, पिंकू, सुरेन्द्र सिंह, प्रदीप सिंह, कव्वाली और हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव चितरी निवासी विपिन पर हत्या करने की आशंका जताई है, इस घटना के पीछे जमीन को कारण बताया गया है।
एफआईआर में विस्तार से चर्चा नहीं की गई है लेकिन, सूत्रों का कहना है कि जयंती देवी की शादी गांव रोटा में हुई थी, उनके संतान नहीं थी, साथ ही पति का निधन हो गया तो, वे अपनी मां के साथ ही रहने लगीं। जयंती देवी की हाइवे किनारे बेशकीमती जमीन है, जिस पर वजीरगंज के कुख्यात भू-माफिया की दृष्टि पड़ गई तो, उसने रोटा के अपने चेलों को सम्मिलित कर जयंती देवी को मृत दर्शा दिया।
भू-माफिया जमीन को हजम कर पाता, उससे पहले जयंती देवी को पता चल गया तो, उन्होंने तहसील प्रशासन को अवगत कराया कि वे जीवित हैं, जिसके बाद आनन-फानन में उनका नाम पुनः दर्ज कर दिया गया लेकिन, वजीरगंज के भू-माफिया के मुंह से मोटा निवाला बाहर जाने वाला था तो, उसने अपने शातिर दिमाग और उच्च राजनैतिक पहुंच के बल पर खेल शुरू कर दिया। आईजीआरएस पर फर्जी नाम-पते से शिकायतें की गईं लेकिन, मोबाइल नंबर अपना ही डालता था, जिससे स्पष्ट है कि शिकायतों के पीछे कुख्यात भू-माफिया ही था।
जयंती देवी के कई सारे वीडियो सामने आये हैं, जिनमें कुख्यात भू-माफिया उनकी जमीन को बिकवाते हुये और उन्हें रूपये दिलाते हुये दिखाई दे रहा है पर, चालीस लाख रुपया प्रति बीघा की जमीन की कीमत है और जयंती देवी पर मामूली रकम पहुंची थी, इसलिये यहाँ बड़ा सवाल यह है कि शेष रकम कौन हजम कर गया? माँ-बेटी की हत्या चाहे, जिसने की हो या, जिसने कराई हो, उसका खुलासा तो पुलिस कर ही देगी लेकिन, वारदात घटित होने के पीछे वजीरगंज का कुख्यात भू-माफिया का शातिर दिमाग भी दिखाई दे रहा है। पुलिस को विवेचना करते समय इस कुख्यात भू-माफिया की भूमिका को लेकर भी विशेष ध्यान देना होगा। माँ-बेटी को न्याय दिलाने के लिये पुलिस को यह पता करना ही चाहिये कि वजीरगंज का कुख्यात भू-माफिया गांव रोटा के प्रकरण में फर्जी नाम-पते से फर्जी शिकायतें क्यों करता था, साथ ही जयंती देवी को पूरी रकम क्यों नहीं मिली?
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