बदायूं में साहित्यिक संस्था आचमन प्रशंसनीय कार्य करने जा रही है। आचमन फाउंडेशन द्वारा जनपद स्तरीय गायेंगे-गायेंगे हम वंदे मातरम काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, इस प्रतियोगिता में जनपद के लोग प्रतिभाग कर सकते हैं। चुने हुये प्रतिभागियों को सम्मानित किया जायेगा।
आचमन फाउंडेशन की संस्थापक एवं विश्व प्रसिद्ध कवयित्री डॉ. सोनरूपा विशाल ने बताया कि 150 वर्ष पूर्व बंगाल में बंकिम चंद्र ने वंदेमातरम् की रचना की थी। वंदे मातरम् के डेढ़ सौवीं वर्षगांठ के अवसर पर एवं कविता जगत में बदायूं जनपद को एक नई पहचान दिलाने वाले, राष्ट्रचेतना की कविताओं के माध्यम से संपूर्ण विश्व में देश प्रेम की अलख जगाने वाले, ओज के प्रखर कवि श्रद्धेय डॉ. उर्मिलेश की एक कविता है गायेंगे-गायेंगे हम वंदे मातरम, इस कविता ने समाज को राष्ट्र के प्रति जागरूक और ऊर्जा से भरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, ऐसी वंदनीय रचना को नमन करते हुये आचमन फाउंडेशन द्वारा जनपद स्तरीय काव्य प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।
डॉ. सोनरूपा ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक चेतना एवं साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है। प्रतियोगिता केवल बदायूं जनपद के निवासियों हेतु आयोजित की जा रही है, जिसमें किसी भी आयु वर्ग के लोग सम्मिलित हो सकते हैं। रचना राष्ट्रवादी विषय पर आधारित एवं पूर्णतः मौलिक होनी चाहिये। प्रत्येक प्रतिभागी की केवल एक रचना ही मान्य होगी। प्रतिभागी अपनी रचना के साथ अपना मोबाइल नंबर,आयु और नाम स्पष्ट अक्षरों में लिख कर भेजें। किसी अन्य रचना की नकल अथवा, पूर्व प्रकाशित रचना अमान्य होगी। प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि 20 जनवरी है। डॉ. सोनरूपा ने बताया कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर दस चयनित प्रतिभागियों की घोषणा की जायेगी। प्रविष्टि भेजने के लिए क्यूकोड स्कैन करें अथवा, आचमन फाउंडेशन की बेवसाईट पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।
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