घोटालेबाज अक्षत की शिकायत, क्लब पर प्रशासक तैनात करने की मांग

घोटालेबाज अक्षत की शिकायत, क्लब पर प्रशासक तैनात करने की मांग

बदायूं क्लब को भ्रष्टाचार और मनमानी से मुक्त करने की आवाज बुलंद होने लगी है। जिलाधिकारी से शिकायत कर तत्काल प्रशासक तैनात करने और ऑडिट करने की मांग की गई है। माना जा रहा है कि शिकायत के बाद कुख्यात बाबू अक्षत की कारगुजारियों पर प्रशासन शिंकजा कस देगा।

शिकायत में आरोप है कि बदायूं क्लब के सचिव अक्षत द्वारा जमकर मनमानी की जा रही है। बदायूं क्लब के पास आय के कई स्रोत हैं, लेकिन अक्षत रुपयों का लेन-देन नकद करता है, जबकि लेन-देन बैंक खाते से ही होना चाहिए। बदायूं क्लब में वर्ष भर विवाह, वर्थ डे, न्यू ईयर, होली, दीपावली के साथ अन्य तमाम तरह के समारोह आयोजित किये जाते रहते हैं, जिसके अनधिकृत तरीके से भ्रष्ट अक्षत ने कई पैकेज बना रखे हैं। पचास हजार प्रति रात से लेकर डेढ़ लाख रूपये प्रति रात तक नकद रूपये वसूले जाते हैं, इसी तरह पिछले दिनों जादू का कई सप्ताह तक आयोजन किया गया था, उससे भी मोटी रकम वसूली गई थी। आयोजन के लिए बिजली विभाग से कनेक्शन नहीं कराया जाता। कटिया डाल कर हजारों रूपये प्रति रात का नुकसान बिजली विभाग का किया जाता रहा है।

आरोप है कि भ्रष्ट सचिव अक्षत वर्ष में कई कार्यक्रम स्वयं भी आयोजित करता है, जिसके लिए जिले भर से चंदा वसूला जाता है, लेकिन कितना चंदा जमा किया गया और कितना चंदा खर्च किया गया, इसका कोई हिसाब सार्वजनिक नहीं किया जाता, इसी तरह बदायूं महोत्सव के नाम पर भ्रष्ट अक्षत मोटी रकम जमा करता है, लेकिन आम जनता के सामने कभी आमदनी और खर्च का ब्यौरा नहीं रखता। हाल-फिलहाल भ्रष्ट अक्षत के कारिंदे चंदा वसूली में जुटे हुए हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अक्षत मृतक आश्रित के तौर पर दास कॉलेज में बाबू है, लेकिन स्वयं क्लब के सचिव के रूप में प्रचारित कर अफसरों से घनिष्ठ संबंध स्थापित कर लेता है, जिसके बल पर कभी ड्यूटी नहीं करता।

जिलाधिकारी को भेजी गई शिकायत में यह भी आरोप है कि भ्रष्ट अक्षत शातिर दिमाग इंसान है, इसने प्रशासनिक जवाबदेही से बचने के लिए उर्मिलेश जनचेतना समिति नाम की एक संस्था बना ली है, जबकि समस्त कार्य बदायूं क्लब के नाम से आयोजित किये जाते हैं, लेकिन उसमें उर्मिलेश जनचेतना समिति को इसलिए सहभागी बना लेता है कि आमदनी और खर्च अपनी संस्था में दिखा सके। आरोप है कि बदायूं क्लब को भ्रष्ट अक्षत ने शराबखाना बना रखा है, यहाँ हर दिन शाम को शराब पार्टी चलती है, इस सबसे साहित्यिक गतिविधियों के केंद्र बदायूं क्लब की छवि खराब हो रही है। बदायूं क्लब के जिलाधिकारी पदेन अध्यक्ष होते हैं। भ्रष्ट सचिव अक्षत की कारगुजारियों से जिलाधिकारी तक भी छवि खराब हो रही है, इसलिए घोटालों और अन्य तमाम कारगुजारियों पर शीघ्र अंकुश लगाने की आवश्यकता है।

आरोप है कि भ्रष्ट अक्षत ने अपने चहेतों को सदस्य बना रखा है, जिन्हें बदायूं क्लब से कोई मतलब नहीं रहता, वे अक्षत के इशारे पर कहीं भी हस्ताक्षर कर देते हैं, जिससे यहाँ लंबे समय से चुनाव की प्रक्रिया भी पारदर्शी नहीं है। शिकायत में जिलाधिकारी से मांग की गई है कि बदायूं क्लब की गरिमा बचाने के लिए बदायूं क्लब में तत्काल प्रशासक तैनात कराया जाये, आमदनी और खर्च का पिछले दस वर्षों का तत्काल ऑडिट कराया जाये एवं शीर्ष अफसर की निगरानी में नये सदस्य बना कर पुनः पारदर्शी प्रक्रिया के तहत चुनाव कराया जाये। माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के पिछलग्गू भ्रष्ट अक्षत की कारगुजारियों पर प्रशासन अब शिकंजा कस देगा।

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